कोटपूतली तहसील में भूमि उपयोग और पर्यावरणीय प्रभावों का अध्ययन: एक नवाचारी दृष्टिकोण

Authors(2) :-धर्मेंद्र यादव, डॉ. ऋचा वार्ष्णेय

यह शोध पत्र कोटपूतली तहसील में भूमि उपयोग के विभिन्न प्रकारों और उससे उत्पन्न पर्यावरणीय प्रभावों का विश्लेषण करता है। अध्ययन का उद्देश्य कृषि भूमि, वन भूमि, चारागाह, आबादी भूमि, और औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि उपयोग के बदलते स्वरूप को समझना तथा उनके पर्यावरणीय दुष्प्रभावों को उजागर करना है। यह शोध प्राथमिक और द्वितीयक आंकड़ों के माध्यम से किया गया है जिसमें मानचित्रण, साक्षात्कार, और पर्यावरणीय डेटा का उपयोग किया गया है।.

Authors and Affiliations

धर्मेंद्र यादव
पीएच.डी. शोधार्थी, लॉर्ड्स यूनिवर्सिटी, अलवर.
डॉ. ऋचा वार्ष्णेय
सुपरवाइजर, ज्योग्राफी, लॉर्ड्स यूनिवर्सिटी, अलवर

भूमि उपयोग, पर्यावरणीय प्रभाव, कोटपूतली, औद्योगिकीकरण, पारिस्थितिकी तंत्र।

  1. राजस्थान राज्य पर्यावरण रिपोर्ट 2021
  2. भूमि उपयोग योजना रिपोर्ट – राजस्थान सरकार
  3. सैटेलाइट डेटा स्रोत: Bhuvan, ISRO
  4. स्थानीय प्रशासनिक कार्यालय से प्राप्त आँकड़े
  5. राजस्थान भूमि उपयोग विभाग की रिपोर्ट (2023)।
  6. भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (ICAR) के प्रकाशन।
  7. सीकर जिला प्रशासन द्वारा जारी आँकड़े।

Publication Details

Published in : Volume 7 | Issue 6 | November-December 2024
Date of Publication : 2024-12-20
License:  This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License.
Page(s) : 125-133
Manuscript Number : GISRRJ247618
Publisher : Technoscience Academy

ISSN : 2582-0095

Cite This Article :

धर्मेंद्र यादव, डॉ. ऋचा वार्ष्णेय , "कोटपूतली तहसील में भूमि उपयोग और पर्यावरणीय प्रभावों का अध्ययन: एक नवाचारी दृष्टिकोण", Gyanshauryam, International Scientific Refereed Research Journal (GISRRJ), ISSN : 2582-0095, Volume 7, Issue 6, pp.125-133, November-December.2024
URL : https://gisrrj.com/GISRRJ247618

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