ऋग्वेद में जल देवता और पर्यावरण चेतना

Authors(1) :-डा. वि. गणेश प्रसाद भट्ट

ऋग्वेद, भारतीय सभ्यता का प्राचीनतमग्रन्थ है, यहन केवल धार्मिक दृष्टिकोण से अपितु दार्शनिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।यह प्राचीनकाल की सभ्यता में पर्यावरणीय चेतना का भी परिचायक रहा है। इस ग्रन्थ में प्रकृति के विविध रूपों की स्तुति की गई है, जिसमें जल का विशेष स्थान है।इस कल्याणकारी ग्रन्थ में जल को केवल जीवनदायिनी शक्ति के रूप में नहीं देखा गया, अपितु उसे देवता के रूप में पूजित किया गया।क्यों कि जल को समग्र औषधियों का श्रोत माना गया है। यथा- आपश्च विश्वभेषजीः1 पुराकाल से ही जल को पुराणों, शास्त्रों और वेदों में सम्मानजनक स्थान प्रदान किया गया है। महर्षि वेदव्यास जी महाभारत में जल की महिमा का वर्णन करते हुए कहते हैं- अद्भिः सर्वाणि भूतानि जीवन्ति प्रभवन्ति च। तस्मात् सर्वेषु दानेषु तयोदानं विशिष्यते॥2 जल से संसार के सभी प्राणी उत्पन्न होते हैं और जीवित रहते हैं। अतः सभी दानों में जल का दान सर्वोत्तम माना जाता है। जल की महत्त्वता को दर्शाते हुए विष्णुपुराण में जल को नारायण की संज्ञा दी गई है। आपो नारा इति प्रोक्ता आपो वै नरसूनवः। अयनं तस्य ताः पूर्वं तेन नारायणः स्मृतः॥3 नर (नारायण) से उत्पन्न होने के कारण जल को नार कहा गया है अतः वह जल नार ही नर का प्रथम अयन अर्थात् आश्रयस्थान है अतः उन्हें नारायण कहा जाता है। अतः इस शोधपत्र में ऋग्वेद में जल देवता की अवधारणा और उसके माध्यम से अभिव्यक्त पर्यावरणीय चेतना का विश्लेषण किया गया है।

Authors and Affiliations

डा. वि. गणेश प्रसाद भट्ट
सहायक आचार्य, ऋग्वेद विभाग, श्रीवेङ्कटेश्वर वेदविश्वविद्यालय, तिरुपति, (आन्ध्रप्रदेश)

ऋग्वेद, जल, देवता, पर्यावरण चेतना।

  1. ऋग्वेद संहिता – चौखम्भा संस्कृत प्रतिष्ठान, वाराणसी
  2. विष्णुपुराण- गीताप्रेस, गोरखपुर
  3. महाभारत- गीताप्रेस, गोरखपुर
  4. स्वामी दयानंद सरस्वती – ऋग्वेद भाष्य भूमिका
  5. “ऋग्वेद और पर्यावरण” – डॉ. कपिलदेव द्विवेदी
  6. Vedic Ecology: Practical Wisdom for Surviving the 21st Century – Ranchor Prime
  7. https://archive.org/details/rigved-mandal-1-final_20230714/RigvedMandal1Final/page/37/mode/2up

Publication Details

Published in : Volume 7 | Issue 6 | November-December 2024
Date of Publication : 2024-12-20
License:  This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License.
Page(s) : 213-217
Manuscript Number : GISRRJ247624
Publisher : Technoscience Academy

ISSN : 2582-0095

Cite This Article :

डा. वि. गणेश प्रसाद भट्ट, "ऋग्वेद में जल देवता और पर्यावरण चेतना ", Gyanshauryam, International Scientific Refereed Research Journal (GISRRJ), ISSN : 2582-0095, Volume 7, Issue 6, pp.213-217, November-December.2024
URL : https://gisrrj.com/GISRRJ247624

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