Manuscript Number : GISRRJ258345
याज्ञवल्क्यस्मृति का नवीन भारतीय न्याय संहिता पर प्रभाव
Authors(1) :-सुकृति दीक्षित वर्तमान में प्रचलित न्याय संहिता पर याज्ञवल्क्यस्मृति का अप्रतिम प्रभाव है। सम्पूर्ण न्याय संहिता स्मृतियों से ही प्रभावित है चाहे वह अपराध हो अथवा दण्ड स्मृतियों से कुछ भी अछूता नहीं है। अपनी धर्म की दिव्य अवधारणा के सहारे स्मृतियों ने ऐसी सामाजिक व्यवस्था का खाका हमारे मध्य प्रस्तुत किया जो अनेक आधुनिक समाजशास्त्रियों के द्वारा भी बहुत उपयोगी माना गया है। स्मृतियों में वर्णित आचार-संहिता द्वारा निर्देशित और संचालित हमारी सामाजिक संरचना इतनी सक्षम और सुदृढ़ होती चली गयी कि बाहरी दबाव भी उसे ध्वस्त करने में असमर्थ रहे। आज हम भारतीय बड़े ही गर्व से सामाजिक -सांस्कृतिक व्यवस्था के जिस सातत्व की चर्चा करते हैं और विश्व जिसे आश्चर्य से देखता है वह सब हमारी स्मृतियों का ही फल है। जिसके कारण आज हम न्याय विधान को सुचारू रूप से चलायमान देख पा रहे हैं ।
सुकृति दीक्षित याज्ञवल्क्यस्मृति, न्याय संहिता, सामाजिक, सांस्कृतिक, धर्मशास्त्र, महाप्रलय, धर्मसूत्र। Publication Details Published in : Volume 8 | Issue 4 | July-August 2025 Article Preview
शोधच्छात्रा,संस्कृत विभाग, डी0जी0पी0जी0कॉलेज, सिविल लाइन्स कानपुर, उत्तर प्रदेश
Date of Publication : 2025-07-10
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Page(s) : 19-24
Manuscript Number : GISRRJ258345
Publisher : Technoscience Academy
URL : https://gisrrj.com/GISRRJ258345