Manuscript Number : GISRRJ258346
उच्च प्राथमिक तथा माध्यमिक स्तर की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों में मौजूद जेंडर संबंधित मुद्दों को समझने में हिंदी की पाठ्यपुस्तकों की भूमिका
Authors(1) :-मो. फैसल भारतीय शिक्षा प्रणाली में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एन.सी.ई.आर.टी) द्वारा निर्मित पाठ्यपुस्तकों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि कक्षा VI से X तक की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों की बात करें, तो हम कह सकते हैं कि ये पाठ्यपुस्तकें न केवल विद्यार्थियों को देश-विदेश के समाज, राजनीति, भूगोल, अर्थशास्त्र और इतिहास की गहरी समझ प्रदान करती हैं, बल्कि इन पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से जेंडर (लिंग) संबंधी विभिन्न मुद्दों पर भी विद्यार्थियों से अत्यंत मार्मिकता से चर्चा की जा सकती है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा - 2005 में कई स्थानों पर स्पष्ट अंतः अनुशासनात्मक चिंतन पर विशेष बल दिया गया है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा - 2005 में कई स्थानों पर स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि हमको विभिन्न विषयों को अलग-अलग इकाइयों के रूप में पढ़ाने के बजाय, उन्हें एक समग्र दृष्टिकोण से पढ़ाया जाना चाहिए, ताकि छात्र ज्ञान को खंडित रूप में न देखें, बल्कि उसे एक-दूसरे से जुड़ा हुआ समझें। अतः प्रस्तुत लेख एन.सी.एफ - 2005 के इसी प्रावधान को ध्यान में रखकर इस बात का पता लगाने का प्रयास करता है कि हिंदी की पाठ्यपुस्तकें किस प्रकार सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों में मौजूद जेंडर सम्बंधित मुद्दों को भलीभांति समझने में सहायक सिद्ध हो सकती हैं।
मो. फैसल एनसीईआरटी (NCERT), राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा - 2005 (NCF-2005), सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तकें, जेंडर (लिंग) मुद्दे, अंतः अनुशासनात्मक चिंतन (Interdisciplinary Approach) Publication Details Published in : Volume 8 | Issue 4 | July-August 2025 Article Preview
शोधार्थी, शिक्षा संकाय, आई. ए. एस. ई. विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली।
Date of Publication : 2025-07-10
License: This work is licensed under a Creative Commons Attribution 4.0 International License.
Page(s) : 25-38
Manuscript Number : GISRRJ258346
Publisher : Technoscience Academy
URL : https://gisrrj.com/GISRRJ258346